Thursday, 30 May 2019

कचकचाट



आम्म बुबु कचकचाट , 
नान्तिनो यौ नि करो , 
ऊ नि करो , 
नि करो ज्यादेक मिजात , 
बचे बेर धरो डबल , 
बाजी बखत आल काम।  

राति जल्दी उठो , 
करो कुछ काम , 
ज़िन्दगी इसकये नि कटन , 
गवुण  पड़नी शरीरक हाड़।  

उदेकु खाओ जदु भूख छू , 
अन्न नि करो बर्बाद , 
टीवी , मोबाइल ज्यादेक नि देखो , 
आँख है जानी खराब।  


( मिजात - फैशन , बाजी बखत - बुरा समय, गवुण - गलाना, उदेकु - उतना ही , जदु - जितना  , डबल - पैसे  ) 

Friday, 10 May 2019

कसी भूलू आपुण पहाड़ो कू



कसी भूलू आपुण पहाड़ो कू ,
ऊ ठंड ठंड हाव ,
ऊ नौव पाणी ,
ऊ ताल माल बखाई ,
ऊ गोलज्यू थान ,
ऊ ऊँच नीच बाट ,
ऊ पन दा चाहेक दूकान ,
ऊ काकड़ेक झाल ,
ऊ मड़ुआ रवाट,
ऊ काफ़लेक स्वाद ,
ऊ आम्म बुबु फसक ,
ऊ धार मी घाम ,
ऊ बाँजेक बुझाणि स्योव ,
बता दी भुला ,
कसी भूलू आपुण पहाड़ो कू। 

ऊ दमुआ और निशाण ,
ऊ झोड़ा चाँचरी ,
ऊ छोलिया नृत्य ,
ऊ बीन बाजोक तान ,
ऊ जागर मी हुड़केक थाप ,
ऊ पत्तल मी आलू गोभी साग ,
ऊ एच पेच ,
बता दी भुला ,
कसी भूलू आपुण पहाड़ो कू।

Wednesday, 17 April 2019

जे ले हौल , देखिनि रौल।




कै बाते चिंता , कै बातें फिक्र 
जो कर्म आपुण हाथ मी छीन , 
करते जाओ , बाकि 
जे ले हौल , देखिनि रौल।   

मेहनत करण मी नि घबराओ , 
बंजर स्यार मी हौ तो चलाओ , 
दौ पाणी चिंता तुम नि करो , 
जे ले हौल , देखि जाल।  

नान्तिनो कू तुम पढ़ाओ , 
भाल संस्कार उनकू दौ , 
बकाई उनैर किस्मत भई ,
जे ले हौल , देखिनि रौल।   

चिंता फिक्र ज्यादेक नि करो , 
तबियत आपुण नि बिगाड़ो , 
कर्मो फल जरूर मिलाल , 
जे ले हौल , देखिनि रौल।  

समयेक फेर चलते रुनी , 
कभते  घाम , कभते दौ लागि रूनी 
समयक दिगे कदमताल करि जाओ ,
जे ले हौल , देखिनि रौल।  

सुःख दुःख तो उने -जाने रौल , 
ठंड बाद गर्मी उने रौल , 
ज्यादेक चकबकाहट क्ये देखूण हरौ , 
जे ले हौल , देखिनि रौल।  


जे ले हौल , देखिनि रौल - जो होगा , देखा जायेगा 

Friday, 5 April 2019

दाज्यू , आपुण पहाड़ देख जाओ।



गर्मी एगे दाज्यू ,
अब ए जाओ पहाड़ ,
ठंडी हवा ,
ठंडो पाणी ,
खोल जाओ ,
आपुण घराक द्वार। 

गौव -गाढ़ भेट जाओ,
दव्याप्त आपुण पूज जाओ ,
काफो - हिसाव खे जाओ ,
नान्तिनुकू पहाड़ दिखे जाओ,
शहरो मी ताती जाला ,
यौ गर्मी पहाड़ काटी जाओ। 

गौव -गौव उजाड़ हेगी ,
ज्यादातर घरकु ताई लटक गी ,
खौव मी दूब जामगो ,
मंदिर मी दीय  जगाई म्हणो हेगो,
कुछ दिन ऐ जाओ ,
दाज्यू , आपुण पहाड़ देख जाओ। 


Tuesday, 26 March 2019

सीख



सब पाख में चढ़नी
तो आपुण धूरि मी नि चड़न चेन ,
आपुण चद्दर देख बेर ,
खुट फैलुन चेन। 

जमान बढ़ दिखावटी एगो ,
दुहौर कू देखबेर ,
आपुण रंग ढंग नि ,
बदौव चेन। 

मेस भौते बदल गी अब ,
उनौर बात सुणी बेर ,
आपुण  घरेक सुखचैन ,
नि बिगाड़न चेन।  

आपुण कर्म भौल करो ,
फिर के चिंता नेह ,
फलेक चिंता भगवान करौल ,
बढ़िया नीन उड़ चेन।



पाख - छत , धूरि - छत पर बनी चिमनी , बदौव - बदलना, दुहौर - दूसरे को , फैलुन - फैलाना , मेस - लोग , सुणी - सुनने , बिगाड़न – बिगाड़ना, भौल - अच्छे , करौल- करेगा , नीन - नींद

Thursday, 14 March 2019

फूलदेई




घरबार आबाद रौ ,
देई बट्टी सुख और संपत्ति ,
फूल चढूनी आज हम ,
पूर साल तुम्हौर बड़ी रो। 

आशीष हमकू ले दियो ,
दूब जस फैलो ,
आकाश जस विशाल ,
पर्वत जस ऊंच रो। 

तुम्हौर देई कू भेटने रो ,
गौव गाड़ म्योर हरी भरी रो ,
हम नानतिन खेलन रो ,
सबु कुशल मंगल है रो। 

गौव बूढ़ बाड़ी स्वस्थ रो ,
देश परदेश सब कुशल रो ,
हँसने रइया साल भर ,
के कष्ट नि ओ। 

Thursday, 7 March 2019

कुमाउँनी होली - फौजियों के नाम



हो , हो , हो , हो !
घर बार छोड़ी , नानतिन पिछाड़ छोड़ी
बॉर्डर मी देशेक रक्षा लीजी राइफल थामी ,
म्यार देशेक फौजियों तुम्हौर गुण गानी। 
हो , हो , हो , हो

धर्म तुम्हौर देशेक रक्षा ,
कर्म तुम्हौर देशक रक्षा ,
दुश्मनो दीबे खार खानी ,
म्यार देशेक फौजियों तुम्हौर गुण गानी।
हो , हो , हो , हो !

ज्यान हथेली मी धरी ,
ह्यून -बरसात - गर्मी ,
सब मौसमो मी ठाड़ रूनी ,
म्यार देशेक फौजियों तुम्हौर गुण गानी।
हो , हो , हो , हो !

तुम्हौर वीरता देख्बैर दुश्मण कामनि ,
तेज देख्बैर सूरज शर्मानी ,
घरवाल तुम्हौर रोज राह देखनी ,
म्यार देशेक फौजियों तुम्हौर गुण गानी।
हो , हो , हो , हो !


फोटो साभार - गूगल